स्वास्थ्य के फायदे भी देता मेडिटेशन | मेडिटेशन | मेडिटेशन के फायदे

स्वास्थ्य के फायदे भी देता मेडिटेशन 

मेडिटेशन सुनने में ही कितना सुकून देता है। असल में करके इस सुकून के साथ शारीरिक फायदे भी मिलते हैं।
सबकुछ ठीक होते हुए भी मन किसी उलझन में रहता है। कोई तो परेशानी है, जो मन शांत नहीं रहने देती है। कभी-कभी दिल इतना भटकता सा है कि अपने किसी भी काम को आप अच्छे से नहीं कर पाती हैं। तो यही समय है कि आप मेडिटेशन का सहारा ले लें। क्योंकि ये एक ऐसी क्रिया है, जिसमें मन की शांति छिपी है। इतना ही नहीं इसमें शारीरिक सुधारों का हल भी है। कुल मिलाकर मेडिटेशन शुरू करने के बाद का जीवन अभी के जीवन से काफी अलग होता है। सबसे पहले तो सुकून और मन की शांति से आपकी दोस्ती हो जाती है। फिर जिंदगी के कठिन रास्ते भी कठिन नहीं लगते बल्कि इसकी सड़कें चिकनी और सपाट नजर आती हैं। 

 मेडिटेशन की उम्र-

याद रखिए मेडिटेशन करने की उम्र को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत है ही नहीं। ये 8 साल की उम्र से लाकर 100 साल के व्यक्ति तक कोई भी कर सकता है। सभी को इसका फायदा मिलता ही है। फायदा मानसिक और शारीरिक दोनों ही होता है। 

 मेडिटेशन का मतलब-

मेडिटेशन यानी ध्यान करने का असल मतलब आत्मा को जानना होता है। इसमें मन को किसी भी तरह की कल्पना से खाली करने की कोशिश की जानी चाहिए। 

फायदे ही फायदे-

ध्यान करने का फायदा सबसे पहले मन की शांति में मिलता है। निराशा आशा में बदलती है। मन का तनाव, अनिद्रा और क्रोध से दूरी बनती है। चिढ़चिढ़ापन दूर होता है साथ में धैर्य का संचार होता है। 
 अल्फा तरंगों का असर -

मेडिटेशन का असर इतना प्रभावी होता है कि इसको करने के साथ अल्फा तरंगे निकलती हैं, जिनसे मन शांत रहता है। 

अच्छा महसूस कराते हार्मोन्स -

हमारे शरीर में ऐसे कई हार्मोन्स होते हैं। जो हमे खुशी का अहसास कराते हैं। मेडिटेशन इन हार्मोन्स को बढ़ाने में मदद करता है। ये हार्मोन्स हैं- डोपामाइन,कार्टिसोल और ऑक्सीटोसिन। इन हार्मोन्स के बढ़ने से आप खुश रहती हैं तो बेहतर से बेहतर करने की ख्वाहिश और जोश बना रहा है। 

 स्मरण शक्ति की मजबूती-

ध्यान करते रहने से इंद्रियों के बोध का विकास होता है तो निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है। इतना ही नहीं स्मरण शक्ति भी बेहतर होती है और भावनात्मक तौर पर भी सुधार होते हैं। 

 ब्लड सर्कुलेशन के लिए ओम मंत्र का जाप-

ध्यान करने के बहुत सारे तरीके होते हैं। इनमें से आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला तरीका है ओम मंत्र का जाप। इसके लिए पद्मासन-सुखासन में बैठने के बाद पीठ सीधी करके बैठें। अब आंखें बंद करके, गहरी सांस लेनी और छोड़नी होगी। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है। इसका अभ्यास कभी भी किया जा सकता है। 

 तामदेन ध्यान-

इसमें पद्मासन-सुखासन में बैठने के बाद सांस लें। पर सांस बाहर ना निकालें। इससे पेट फूलेगा। गिनती कीजिए। लेते समय 5 की और छोड़ते समय 10 की। 

 ऊर्जा का संचार

माना जाता है कि मेडिटेशन ऊर्जा का संचार करता है। इससे ऑक्सीजन का उत्सर्जन भी कम होता है, जिससे मन शांत होता है। इससे ब्लड फ्लो बढ़ता है और हार्ट रेट कम होता है।

Yoga expert Mr. Dhananjay Yadav
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