चंद महीने में बन जाते हैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, मार्शल आर्ट मे गोरखधंधा,नहीं पता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का मतलब

चंद महीने में बन जाते हैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, मार्शल आर्ट मे गोरखधंधा,नहीं पता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का मतलब
बरेली : आज अधिकांश मार्शल आर्ट में हो रहा व्यापार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना आसान अगर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना है तुरंत ताइक्वांडो कराटे जैसे खेलों को पकड़िए आपको स्थानीय मार्शल आर्ट ट्रेनर कुछ पैसा लेकर आपको अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना देंगे जहां तक मेडल भी आपको मिल जाता है।
6 महीने में बन जाते हैं कोच
मार्शल आर्ट सीखने के ठीक 6 महीने बाद आपको ब्लैक बेल्ट 4 से ₹5000 लेकर दे दी जाती है और बन जाते हैं कोच
नहीं पता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का मतलब
लोग अपने आपको अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी लिखते हैं देखा जाए तो ज्यादातर ताइक्वांडो, कराटे के खिलाड़ी होते हैं। सही मायने में उनको ताइक्वांडो, कराटे भी नहीं आता केवल फर्जी तरीके से काली बेल्ट लेकर समाज को बेवकूफ बनाते हैं ।
पब्लिक की नजरों में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनकर, कोच बन कर ,बच्चों को सिखा कर बेल्ट देकर, प्रतियोगिता करा कर ,धन वसूली करते हैं ऐसे लोग से समाज के लोग सावधान रहें यह व्यापार बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
जबकि देखा जाए तो वह लोग नेपाल भूटान बांग्लादेश जैसे देशों में फर्जी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपने आप को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बताते हैं ।
इस गोरखधंधे के कारण बहुत सारे भारत सरकार से मान्यता प्राप्त खेल संगठन भी शक की श्रेणी में आ जाते हैं।
खेल जगत उभरते हुए खिलाड़ियों से अपील करता है जिस क्षेत्र में भी खिलाड़ी जिस खेल में जाना चाहता है स्थानीय खेल कार्यालय जो प्रदेश सरकार के अधिनस्थ होते हैं वहां के अधिकारियों के संपर्क में आकर भारत सरकार से मान्यता प्राप्त फेडरेशन के संपर्क में आकर अपना कैरियर सुनिश्चित करें आज प्रदेश व केंद्र सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए हर संभव हर तरीके से खिलाड़ियों की मदद कर रही है।
